कैंसर और टीबी की जांच से लेकर आयुष्मान कार्ड तक, एक ही छत के नीचे मिलीं तमाम स्वास्थ्य सेवाएं
रानीवाड़ा, 12 जून। अंत्योदय और जन-स्वास्थ्य की भावना को साकार करते हुए ग्राम पंचायत रामपुरा (ब्लॉक रानीवाड़ा) में आयोजित ‘ग्रामीण सेवा शिविर’ सफलता के नए कीर्मान स्थापित कर गया। शिविर में उमड़े ग्रामीणों के उत्साह का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ढलती शाम तक कुल 342 लाभार्थियों ने अपनी सेहत का हाल जाना और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ उठाया।
9 गर्भवती महिलाओं की जांच, बच्चों को सुरक्षा कवच
शिविर की शुरुआत से ही मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के काउंटर पर खासी रौनक रही। ग्रामीण क्षेत्र की 9 गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच (ANC) कर उन्हें आवश्यक परामर्श और दवाइयां दी गईं। वहीं, नौनिहालों के स्वास्थ्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से 11 बच्चों का नियमित टीकाकरण कर उन्हें गंभीर बीमारियों के खिलाफ सुरक्षा कवच प्रदान किया गया।
गैर-संचारी रोगों पर प्रहार: 37 संभावित रोगी चिन्हित
बदलती जीवनशैली के बीच गांवों में पैर पसार रहे साइलेंट किलर यानी गैर-संचारी रोगों (NCD) पर भी शिविर में कड़ा प्रहार किया गया। शिविर के दौरान रिकॉर्ड 255 व्यक्तियों के ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप) और शुगर (मधुमेह) की जांच की गई। गहन जांच के बाद 37 संभावित रोगियों को चिन्हित किया गया, जिन्हें अब आगे के इलाज और दवाओं से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही, कैंसर के प्रति जागरूकता दिखाते हुए 96 ग्रामीणों की कैंसर स्क्रीनिंग भी की गई।
टीबी के खिलाफ जंग: ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ के तहत शिविर में आए सभी 342 व्यक्तियों की टीबी स्क्रीनिंग की गई, ताकि इस बीमारी को जड़ से मिटाया जा सके।
आयुष्मान कार्ड पाकर खिले ग्रामीणों के चेहरे
शिविर में केवल इलाज ही नहीं, बल्कि भविष्य के इलाज की गारंटी भी दी गई। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) के तहत मौके पर ही 5 नए आयुष्मान कार्ड तैयार किए गए, जबकि 3 तैयार कार्डों का वितरण कर लाभार्थियों को संबल प्रदान किया गया। कार्ड पाकर ग्रामीणों के चेहरों पर संतोष की लकीरें साफ देखी जा सकती थीं।
अंतिम छोर के नागरिक तक पहुंचे राहत: डॉ. चौधरी
ब्लॉक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (BCMO) डॉक्टर गणपत चौधरी ने बताया कि इस शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के उन नागरिकों तक स्वास्थ्य सेवाओं की सीधी पहुंच सुनिश्चित करना था, जो दूरी या जागरूकता के अभाव में अस्पतालों तक नहीं पहुंच पाते। शिविर में स्वास्थ्य जांच के साथ-साथ विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रति ग्रामीणों को जागरूक भी किया गया। ग्रामीणों ने चिकित्सा विभाग के इस प्रयास की मुक्त कंठ से सराहना की है।



