— तेल कंपनियों ने जनता को दिलाया भरोसा; मनोज गुप्ता बोले- स्टॉक पर्याप्त, पैनिक बाइंग और अफवाहों से बचें
सर्किल न्यूज नेटवर्क जयपुर। प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस (एलपीजी) की किल्लत की तमाम अफवाहों पर विराम लग गया है। सार्वजनिक क्षेत्र की तीनों प्रमुख तेल विपणन कंपनियों—आईओसीएल, बीपीसीएल और एचपीसीएल—ने आम जनता को भरोसा दिलाया है कि राजस्थान में सभी आवश्यक पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य और निर्बाध है।
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक व राज्य प्रमुख और राजस्थान के राज्य स्तरीय समन्वयक मनोज गुप्ता ने स्थिति साफ करते हुए कहा कि राज्य में ईंधन की समग्र आपूर्ति स्थिति पूरी तरह स्थिर और पर्याप्त है। जनता को घबराने की कतई जरूरत नहीं है।

आपूर्ति श्रृंखला सुचारू, स्टॉक पर पैनी नजर
गुप्ता ने बताया कि तेल कंपनियों के टर्मिनलों और डिपो से लेकर पेट्रोल पंपों (रिटेल आउटलेट्स) तक संपूर्ण ईंधन आपूर्ति श्रृंखला सुचारू रूप से काम कर रही है। राज्य में कहीं भी परिवहन या वितरण में कोई व्यवधान नहीं है। राजस्थान के सभी जिलों और कस्बों में ईंधन के स्टॉक की चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है और जहां भी जरूरत हो रही है, तुरंत नए स्टॉक की आपूर्ति (रिप्लेनिशमेंट) सुनिश्चित की जा रही है।
रसोई गैस को प्राथमिकता
घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देते हुए अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि एलपीजी (रसोई गैस) की आपूर्ति को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। पूरे राज्य में गैस सिलेंडरों की उपलब्धता सामान्य है। तेल उद्योग के भीतर लॉजिस्टिक्स, स्टॉक मूवमेंट और रिटेल संचालन को लेकर बेहतर समन्वय बनाया गया है ताकि उपभोक्ताओं को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
पैनिक बाइंग से बचें, अफवाहों पर न दें ध्यान तेल कंपनियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की चिंता न करें और अपनी सामान्य जरूरत के हिसाब से ही ईंधन खरीदें। अनावश्यक रूप से पेट्रोल-डीजल का संग्रहण करने (पैनिक बाइंग) से बचें। इसके साथ ही, ईंधन की उपलब्धता के संबंध में सही और प्रमाणित जानकारी के लिए केवल तेल विपणन कंपनियों के आधिकारिक बयानों पर ही भरोसा करें।



