सर्किल न्यूज नेटवर्क बड़गांव/रानीवाड़ा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की रात्रि चौपाल केवल संवाद का जरिया नहीं, बल्कि विकास की नई इबारत लिखने का मंच बन गई। रानीवाड़ा विधानसभा के पंसेरी गांव में आयोजित इस चौपाल में आदर्श ग्राम पंचायत बड़गांव की सरपंच करिश्मा सिंह और उप सरपंच इक्ष्वाकु देव देवड़ा ने ग्रामीणों की बरसों पुरानी पीड़ा और क्षेत्र के विकास की मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष पुरजोर तरीके से रखा।

विकास का खाका: जर्जर भवनों से मुक्ति और आधुनिक सुविधाओं की मांग
सरपंच और उप सरपंच ने एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर गांव के शैक्षणिक और सामाजिक ढांचे को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री से बजट आवंटन की गुहार लगाई। ज्ञापन में मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई:
- शिक्षा के मंदिर को मिले नई पहचान: राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय और राजकीय प्राथमिक विद्यालय बड़गांव के वर्तमान भवन जर्जर स्थिति में हैं। सरपंच करिश्मा सिंह ने विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए दोनों विद्यालयों के लिए नवीन भवन निर्माण हेतु पर्याप्त बजट की मांग की।

- आवासीय और सहकारी विस्तार: गांव की बढ़ती आबादी को देखते हुए आबादी विस्तार हेतु जमीन आवंटन और ग्राम सेवा सहकारी समिति के सुचारू संचालन के लिए उपयुक्त भूमि उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया।
- हर घर जल, स्वच्छ जल: गांव की पेयजल समस्या के स्थाई समाधान के लिए ESR (पानी की टंकी) के माध्यम से संपूर्ण गांव में जलापूर्ति सुनिश्चित करने की मांग रखी गई।

- युवाओं को मिले खेल का मैदान: बड़गांव के युवाओं की प्रतिभा को निखारने के लिए गांव में एक अत्याधुनिक खेल स्टेडियम निर्माण का प्रस्ताव रखा गया।
- स्वास्थ्य सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) परिसर में स्थित पुराने और असुरक्षित क्वार्टर्स को हटाकर वहां स्टाफ के लिए मल्टी स्टोरी क्वार्टर्स बनाने की आवश्यकता जताई गई, ताकि चिकित्सा कर्मी चौबीसों घंटे गांव में उपलब्ध रह सकें।

कृतज्ञता: प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के क्रमोन्नयन पर जताया आभार
चौपाल के दौरान जहाँ एक ओर समस्याओं का अंबार रखा गया, वहीं दूसरी ओर सरकार के सकारात्मक निर्णयों की सराहना भी हुई। उप सरपंच इक्ष्वाकु देव देवड़ा ने बड़गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में क्रमोन्नत करने के ऐतिहासिक निर्णय के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से क्षेत्र की हजारों की आबादी को अब इलाज के लिए दूर नहीं भटकना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री ने सभी मांगों को गंभीरता से सुना और उचित कार्यवाही का आश्वासन देते हुए विकास कार्यों में धन की कमी नहीं आने देने की बात कही। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।



