जालोर। जालोर दुर्ग की सड़क निर्माण परियोजना, जो पिछले दो वर्षों से राजनीतिक उठापटक और प्रशासनिक रोड़ों के चलते अटकी हुई थी, अब जाकर बहाल होती दिख रही है। वन विभाग द्वारा ‘तकनीकी खामियों’ को दूर करने के नाम पर नई स्वीकृति जारी किए जाने के बाद, जालोर की जनता ने राहत की साँस ली है। हालांकि, इस पूरी प्रक्रिया को पूर्व अध्यक्ष (राज्य स्तरीय जन अभियोग निराकरण समिति) पुखराज पाराशर ने ‘सरकार की गलती सुधारने का ढोंग’ और ‘श्रेय लेने का असफल प्रयास’ बताया है।
अशोक गहलोत ने किया था शिलान्यास
जालोर दुर्ग तक पहुँचने वाली सड़क का यह प्रोजेक्ट पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की महत्वाकांक्षी घोषणाओं में शामिल था। गहलोत ने राजस्थान विधानसभा में 27 करोड़ रुपये की लागत से सड़क निर्माण की घोषणा कर वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति जारी की थी।

- शुरुआत: वन एवं पर्यावरण विभाग ने स्थानीय वन विभाग के प्रस्ताव पर ही स्वीकृति दी थी।
- कार्य आदेश: वित्तीय स्वीकृति के बाद निविदा आमंत्रित कर कार्य आदेश जारी किए गए थे।
- शिलान्यास: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दिनांक 3 जून को इसका शिलान्यास किया था, जिसके बाद भैरूनाथ अखाड़े के महंत गंगा नाथ जी महाराज के हाथों कार्य शुरू किया गया।
- उपस्थिति: उस समय जिला कलेक्टर और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
पुखराज पाराशर ने सवाल उठाया कि उस समय किसी भी तकनीकी खामी पर किसी अधिकारी की नज़र क्यों नहीं गई।
सरकार बदलते ही आई रुकावट
सूत्रों के अनुसार, राज्य में सत्ता परिवर्तन और भाजपा की सरकार बनने के तुरंत बाद ही यह ऐतिहासिक विकास कार्य राजनीतिक खींचतान का शिकार हो गया। जिस वन विभाग के प्रस्ताव और उपस्थिति में सड़क स्वीकृत हुई थी, उसी के अधिकारियों द्वारा कथित तौर पर ‘तकनीकी रोड़ा अटकाने का नाटक’ कर काम रुकवा दिया गया।
पाराशर ने आरोप लगाया कि दो साल तक काम रुकने से न केवल जनता को परेशानी हुई है, बल्कि संभव है कि सड़क निर्माण की लागत भी बढ़ गई होगी। उन्होंने जालोर मेडिकल कॉलेज को भी सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बावजूद रोक देने और शिलान्यास पट्टिकाओं को तोड़ देने की घटना का ज़िक्र करते हुए इसे बदले की राजनीति करार दिया।
सड़क के साथ मेडिकल कॉलेज भी हो शुरू
पुखराज पाराशर ने नई स्वीकृति जारी होने पर भी वर्तमान सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा कि “देर आए दुरुस्त आए”। उन्होंने अब मांग की है कि वन विभाग से तथाकथित स्वीकृति जारी होने के बाद, प्रशासन तत्काल सड़क निर्माण का कार्य शुरू करवाए, ताकि जालोर के ऐतिहासिक दुर्ग पर पर्यटकों का आवागमन बढ़ सके।
इसके साथ ही उन्होंने ज़ोर दिया है कि जालोर मेडिकल कॉलेज को भी शीघ्र शुरू करने की दिशा में कार्य प्रारंभ किया जाए।
[सर्कल न्यूज़ नेटवर्क]



