मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान 2.0 के तहत जुटे ग्रामीण; भूमि पूजन, श्रमदान और पौधारोपण से दिया पर्यावरण सुरक्षा का संदेश
रानीवाड़ा। जलग्रहण विकास एवं भू संरक्षण विभाग की ओर से शनिवार को ग्राम पंचायत रानीवाड़ा खुर्द में ‘वंदे गंगा’ जल संरक्षण जन अभियान-2026 के तहत एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ग्राम पंचायत प्रशासक शोभना सुथार की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और पानी की एक-एक बूंद को सहेजने का संकल्प लिया।

मुख्य गतिविधियां और जनभागीदारी
कार्यक्रम का आगाज वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भूमि पूजन से हुआ। इसके बाद उपस्थित अतिथियों, विभागीय अधिकारियों और ग्रामीणों ने मिलकर श्रमदान किया और परिसर में पौधारोपण कर प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई। इस दौरान ‘जल चौपाल’ का भी आयोजन किया गया, जिसमें पानी के संकट और उसके पारंपरिक समाधानों पर खुलकर चर्चा हुई। विभाग की ओर से स्थानीय निवासियों को अभियान से जुड़े इंफोर्मेटिव पैम्पलेट बांटे गए और सभी को जल संरक्षण की सामूहिक शपथ दिलवाई गई।
मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान 2.0: घर-घर पहुंचेगा लाभ
कार्यक्रम में मौजूद जलग्रहण विकास एवं भू संरक्षण विभाग के अधिशाषी अभियंता राजेश कुमार गुप्ता एवं कनिष्ठ अभियंता कैलाश कुमार ने ग्रामीणों को मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान-2.0 की विस्तृत जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों को जल आत्मनिर्भर बनाना है। इसके तहत किए जाने वाले प्रमुख कार्यों और उनके लाभों के बारे में विस्तार से समझाया गया:
- रूफटोप टांका निर्माण: घर की छतों से गिरने वाले बरसाती पानी को साफ-सुथरे टांकों में इकट्ठा कर सालभर पीने के पानी की किल्लत को दूर किया जा सकता है।
- फार्मपॉण्ड (खेत तलाई): किसान अपने खेतों में वर्षा जल को संचित कर सिंचाई के काम में ले सकते हैं, जिससे भूजल स्तर सुधरेगा और फसलों की पैदावार बढ़ेगी।
- चारागाह विकास: गांवों की बंजर या सार्वजनिक चारागाह भूमि को जल संरक्षण तकनीकों से संवारा जाएगा, ताकि मवेशियों के लिए पर्याप्त हरा चारा उपलब्ध हो सके।
हरियालो राजस्थान के तहत महा-अभियान का आह्वान
अधिकारियों ने ‘हरियालो राजस्थान अभियान’ का जिक्र करते हुए ग्रामीणों और काश्तकारों से अपील की कि वे ग्राम पंचायत में स्थित चारागाह भूमि पर आगामी मानूसन के दौरान अधिक से अधिक संख्या में पौधारोपण करें। पेड़ न सिर्फ पानी को जमीन में रोकने में मदद करते हैं, बल्कि पर्यावरण को भी शुद्ध रखते हैं।
इस भव्य आयोजन में प्रशासक शोभना सुथार के साथ विभागीय अधिकारी, ग्राम पंचायत के वार्ड सदस्य, योजना के लाभार्थी कृषक और बड़ी संख्या में जागरूक ग्रामीण मौजूद रहे।



