बड़ी खबर: गृह जिलों में तैनात अफसरों को हटाने के सख्त निर्देश, 28 फरवरी तक पूरा करना होगा प्रशासनिक फेरबदल
Circle News Network
जयपुर: राजस्थान में पंचायतीराज संस्थाओं और नगरीय निकायों के आगामी आम चुनावों को लेकर हलचल तेज हो गई है । राज्य निर्वाचन आयोग ने स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव संपन्न कराने के लिए अपनी संवैधानिक शक्तियों का प्रयोग करते हुए स्थानांतरण के कड़े आदेश जारी किए हैं । आयोग के सचिव राजेश वर्मा द्वारा जारी इस आदेश के बाद अब प्रदेश के प्रशासनिक और पुलिस बेड़े में बड़े फेरबदल की तैयारी शुरू हो चुकी है 。

गृह जिलों से हटेंगे जिम्मेदार अधिकारी
राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि चुनाव प्रक्रिया से सीधे तौर पर जुड़े अधिकारी अपने गृह जिले में तैनात नहीं रह सकेंगे । इस आदेश की जद में निम्नलिखित अधिकारी आएंगे:
- संभागीय आयुक्त, रेंज आईजी और डीआईजी ।
- जिला कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ।
- जिला पुलिस अधीक्षक (SP) और अतिरिक्त जिला पुलिस अधीक्षक ।
- उपखण्ड अधिकारी (SDM), सहायक कलेक्टर और तहसीलदार ।
- जयपुर और जोधपुर शहर में तैनात पुलिस आयुक्त, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त और डीसीपी ।
3 साल का कार्यकाल और ‘डेडलाइन’
आयोग ने स्थानांतरण के लिए कड़े मापदंड तय किए हैं ताकि किसी भी प्रकार का स्थानीय प्रभाव चुनाव को प्रभावित न कर सके:
- कार्यकाल की सीमा: ऐसे अधिकारी जो 30 अप्रैल 2026 तक पिछले 4 वर्षों में से 3 वर्ष की अवधि एक ही जिले, नगरपालिका या पंचायत समिति क्षेत्र में पूरी कर चुके हैं, उन्हें वहां से अनिवार्य रूप से हटाया जाएगा 。
- समय सीमा: राज्य सरकार को इन तबादलों की पूरी प्रक्रिया 28 फरवरी 2026 तक हर हाल में संपन्न करनी होगी 。
- स्थानीय स्तर पर पाबंदी: थानाधिकारी, नायब तहसीलदार और पुलिस उपनिरीक्षक अब उस नगरपालिका या पंचायत समिति क्षेत्र में तैनात नहीं रह पाएंगे जो उनका गृह क्षेत्र है 。
लापरवाह अधिकारियों के लिए कोई जगह नहीं
निर्वाचन आयोग ने एक और महत्वपूर्ण निर्देश दिया है कि चुनाव से जुड़े किसी भी पद पर ऐसे कार्मिक की नियुक्ति नहीं की जाएगी, जिसके विरुद्ध पिछले चुनावों में लापरवाही के चलते अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हों । साथ ही, मतदाता सूची के काम में लगे अधिकारियों का स्थानांतरण आयोग की पूर्वानुमति के बिना नहीं किया जा सकेगा ।
विशेष सावधानी: चुनावों की विधिवत घोषणा होने के पश्चात किसी भी कार्मिक का तबादला पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यदि विशेष परिस्थितियों में ऐसा करना आवश्यक हुआ, तो राज्य सरकार को पूर्ण विवरण के साथ आयोग से अनुमति लेनी होगी ।



