भीनमाल (विशेष संवाददाता): गांव में देवझूलनी ग्यारस के मेले की धूम थी और परिवार रेवाड़ी का जुलूस देखने गया था, लेकिन पीछे घर का नजारा देखकर हर कोई सन्न रह गया! दांतीवास गांव में दिनदहाड़े सूने मकान का ताला तोड़कर लाखों के जेवर व नकदी पार करने के सनसनीखेज मामले में भीनमाल थाना पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने मामले की पड़ताल करते हुए शातिर नकबजन को दबोच लिया है।
क्या हुआ था उस दोपहर? दांतीवास निवासी दीपाराम पुत्र तलछाजी चौधरी ने थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी कि 22 सितंबर 2026 को दोपहर करीब 12 बजे पूरा परिवार देवझूलनी ग्यारस की रेवाड़ी देखने गया हुआ था। दोपहर करीब 2:30 बजे जब परिवार वापस लौटा, तो मुख्य दरवाजा खोलते ही पैरों तले जमीन खिसक गई। अंदर कमरे का सारा सामान बिखरा पड़ा था। अज्ञात चोरों ने कमरे में रखी पेटी और लोहे के संदूक (मंजू) का ताला तोड़कर सोने-चांदी के जेवरात और नकदी सहित कुल 3 लाख 80 हजार रुपये के माल पर हाथ साफ कर दिया था।
अवैध डोडा पोस्त ने खोला चोरी का राज मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र सिंह इन्दौलिया के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोटाराम गोदारा और पुलिस उप अधीक्षक शंकरलाल मसूरिया के सुपरविजन में थानाधिकारी राजेन्द्रसिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम गठित की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने 5 अक्टूबर 2026 को आरोपी भावेश पुत्र बाबूलाल नाई (उम्र 24 वर्ष, निवासी झेरोल, थाना झाब) को स्विफ्ट कार में 28.70 किलोग्राम अवैध डोडा पोस्त की तस्करी करते हुए रंगे हाथों पकड़ा था। एनडीपीएस एक्ट में गिरफ्तारी के बाद जब भावेश से कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने कबूल किया कि 22 सितंबर को वह और उसका साथी दशरथ कुमार सैन बाइक पर सवार होकर दांतीवास गए थे और वहां एक सूने मकान से नकदी व जेवरात चुराए थे।

घेराबंदी कर दबोचा गया मुख्य शातिर भावेश के खुलासे के बाद पुलिस टीम ने 11 अक्टूबर 2026 को झेरोल में पीछा कर मुख्य आरोपी दशरथ कुमार पुत्र मोडाराम सैन (उम्र 26 वर्ष, निवासी झेरोल, थाना झाब) को दस्तयाब किया। गहन पूछताछ में दशरथ ने दांतीवास में दिनदहाड़े चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी दशरथ कुमार एक आदतन नकबजन है और वह वर्ष 2023 में पाली जिले के रानी थाने में भी बड़ी नकबजनी की वारदात में जेल जा चुका है। पुलिस ने आरोपी को रिमांड पर लेकर चोरी का माल और नकदी बरामद करने के लिए पूछताछ शुरू कर दी है।
सराहनीय भूमिका निभाने वाली पुलिस टीम इस सफल खुलासे में सहायक उपनिरीक्षक डूंगराराम, हेड कांस्टेबल महेंद्रसिंह (679), हेड कांस्टेबल त्रिलोकसिंह (892, डीसीआरबी शाखा), कांस्टेबल डालूराम (156), श्रवण कुमार (589), भैराराम (1124), अशोक कुमार (856) और सुंदरसिंह (868) शामिल रहे।









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