नवाचारी सरपंच प्रदीप सिंह देवल की बड़ी जीत; कलेक्टर गवांडे और पूर्व विधायक देवल का जताया आभार, 16 लाख की मिली वित्तीय स्वीकृति
जालोर। जिले की ग्राम पंचायत मालवाड़ा अब स्वच्छता के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने जा रही है। अपनी रचनात्मक कार्यशैली और आधुनिक सोच के लिए पहचाने जाने वाले जिले के सिरमौर ‘क्रिएटिव युवा सरपंच’ प्रदीप सिंह देवल के प्रयासों से मालवाड़ा में जिले की पहली प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट (PWMU) स्थापित होने जा रही है। जिला परिषद जालोर द्वारा इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 16 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी गई है।

स्वच्छ भारत मिशन के तहत बड़ा कदम स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वीकृत इस प्रोजेक्ट के माध्यम से गांव से निकलने वाले प्लास्टिक कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जा सकेगा। यह यूनिट न केवल पर्यावरण संरक्षण में मील का पत्थर साबित होगी, बल्कि स्वच्छता के मॉडल के रूप में पूरे जिले को नई राह दिखाएगी। सरपंच प्रदीप सिंह देवल ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए जिला कलेक्टर प्रदीप गवांडे और पूर्व विधायक नारायण सिंह देवल का तहे दिल से आभार जताया है।

इनोवेशन के ‘सिरमौर’ बने सरपंच प्रदीप सिंह मालवाड़ा सरपंच अपनी पंचायत में लगातार नए प्रयोगों और तकनीकी नवाचारों के लिए चर्चा में रहते हैं। इस यूनिट की स्थापना भी उनके उन्हीं विजनरी प्रयासों का हिस्सा है। ग्रामीणों का कहना है कि सरपंच के सक्रिय प्रयासों के कारण ही मालवाड़ा को जिले की पहली ऐसी यूनिट की सौगात मिली है, जिससे गांव अब ‘प्लास्टिक मुक्त’ बनने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ेगा।

मुख्य बिंदु एक नज़र में:
- कुल बजट: 16 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति।
- प्रोजेक्ट: प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट (PWMU)।
- कार्य अवधि: 9 माह में कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य।
- प्रशासनिक स्वीकृति: मुख्य कार्यकारी अधिकारी नंदकिशोर राजोरा द्वारा आदेश जारी।



