सुंधामाता/रानीवाडा। राजस्थान के वन्यजीव प्रेमियों और ईको-टूरिज्म के लिए एक बड़ी और उत्साहजनक खबर सामने आई है। जालौर जिले के प्रसिद्ध सुन्धा माता कंजर्वेशन रिजर्व (SCR) में अब पैंथर्स का कुनबा बढ़ने वाला है। बाड़मेर के धोरीमन्ना रेंज से रेस्क्यू किए गए एक पैंथर को सुरक्षित रूप से सुन्धा माता के जंगलों में छोड़ दिया गया है। खास बात यह है कि बाड़मेर वन विभाग की टीम द्वारा किया गया यह अपने आप में पहला सफल पैंथर रेस्क्यू ऑपरेशन है।
बाड़मेर टीम की ऐतिहासिक सफलता
जानकारी के अनुसार, 15 जनवरी 2026 को बाड़मेर वन मंडल के धोरीमन्ना रेंज स्थित कुन्दपुरा गांव में एक पैंथर आने की सूचना मिली थी। वन विभाग बाड़मेर की टीम ने तुरंत हरकत में आते हुए पैंथर को ट्रैंक्युलाइज कर सुरक्षित रेस्क्यू किया। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि इससे पहले रेस्क्यू के लिए टीम हमेशा जोधपुर से बुलानी पड़ती थी, लेकिन इस बार बाड़मेर की टीम ने खुद ही इस ऑपरेशन को अंजाम दिया।
मुख्य वन संरक्षक जोधपुर, श्रीमान अनुप के. आर. के निर्देशन में इस पैंथर को 16 जनवरी की सुबह सुन्धा माता कंजर्वेशन रिजर्व में पूरी सुरक्षा के साथ छोड़ा गया।
जवाई की तर्ज पर विकसित होगा टूरिज्म
वन विभाग के विशेषज्ञों का मानना है कि सुन्धा माता क्षेत्र में पैंथर के आने से यहाँ का ईको-सिस्टम और भी मजबूत होगा। गौरतलब है कि यहाँ पहले से ही एक मादा पैंथर को ट्रैक किया जा चुका है। अब नए पैंथर के आने से सुन्धा माता रिजर्व भी पाली के विश्व प्रसिद्ध ‘जवाई’ (Jawai) की तर्ज पर विकसित हो सकेगा, जिससे पर्यटकों की संख्या में भारी बढ़ोतरी होने की संभावना है।
सुन्धा माता में पैंथर छोड़ने के बड़े फायदे:
- प्राकृतिक संतुलन: सुन्धा माता कंजर्वेशन रिजर्व में पैंथर की मौजूदगी से नीलगाय और जंगली सूअरों की संख्या नियंत्रित रहेगी, जिससे जंगल का प्राकृतिक संतुलन बना रहेगा।
- बायो-डायवर्सिटी (जैव विविधता): एक ही जीव (जैसे सूअर या नीलगाय) का प्रभुत्व कम होने से अलग-अलग प्रजातियों को पनपने का मौका मिलेगा और जैव विविधता बढ़ेगी।
- खाद्य श्रृंखला की मजबूती: पैंथर कमजोर और बीमार जानवरों का शिकार करता है, जिससे वन्यजीवों की जेनेटिक गुणवत्ता बेहतर होती है और खाद्य श्रृंखला मजबूत होती है।
- अन्य जीवों को भोजन: पैंथर के शिकार के अवशेषों से गिद्ध, लकड़बग्घा और सियार जैसे अन्य वन्यजीवों को भी भोजन उपलब्ध होगा।
सुन्धा माता में पैंथर की इस नई दस्तक ने वन्यजीव प्रेमियों के चेहरे पर खुशी ला दी है। उम्मीद है कि आने वाले समय में यह क्षेत्र राजस्थान के नक्शे पर एक बड़े टूरिस्ट हब के रूप में उभरेगा।
सर्कल न्यूज़ के लिए गुमान सिंह राव की रिपोर्ट। जय हिंद।



