मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की बड़ी पहल: सात किस्तों में सीधा बैंक खाते में आएगा पैसा, शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए राजस्थान सरकार का सुरक्षा कवच
जालोर | 13 मार्च, 2026
राजस्थान की भजनलाल सरकार महिला सशक्तीकरण और बेटियों के उज्जवल भविष्य को लेकर संकल्पित नज़र आ रही है। राज्य सरकार की फ्लैगशिप ‘लाडो प्रोत्साहन योजना’ अब धरातल पर बालिकाओं के लिए वरदान साबित हो रही है। इस योजना के माध्यम से न केवल समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित हो रही है, बल्कि उनके स्वास्थ्य और उच्च शिक्षा की राह भी आसान हो गई है।
योजना का मुख्य उद्देश्य
लाडो प्रोत्साहन योजना का प्राथमिक लक्ष्य लिंगानुपात में सुधार करना, बालिका जन्म को प्रोत्साहित करना और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। सरकार का प्रयास है कि पैसे के अभाव में किसी भी बेटी की पढ़ाई या टीकाकरण न छूटे।
1 लाख से बढ़कर हुई 1.5 लाख की राशि
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की दूरगामी सोच के परिणामस्वरूप, 12 मार्च 2025 को योजना की राशि में भारी बढ़ोतरी की गई। पहले जहाँ 1 लाख रुपए दिए जा रहे थे, अब उसे बढ़ाकर 1.50 लाख रुपए कर दिया गया है। 1 अगस्त 2024 के बाद जन्मी बालिकाओं को इस संशोधित लाभ के दायरे में लाया गया है।
सात किस्तों का विस्तृत विवरण (Output Structure)
योजना की राशि बालिका के जन्म से लेकर 21 वर्ष की आयु तक कुल 7 किस्तों में सीधे बैंक खाते (DBT) में जमा की जाएगी:
| किस्त | चरण / समय | देय राशि |
| पहली किस्त | संस्थागत प्रसव (जन्म के समय) | ₹ 2,500 |
| दूसरी किस्त | 1 वर्ष की आयु एवं पूर्ण टीकाकरण पर | ₹ 2,500 |
| तीसरी किस्त | कक्षा 1 में प्रवेश लेने पर | ₹ 4,000 |
| चौथी किस्त | कक्षा 6 में प्रवेश लेने पर | ₹ 5,000 |
| पांचवीं किस्त | कक्षा 10 में प्रवेश लेने पर | ₹ 11,000 |
| छठी किस्त | कक्षा 12 में प्रवेश लेने पर | ₹ 25,000 |
| सातवीं किस्त | स्नातक उत्तीर्ण एवं 21 वर्ष पूर्ण होने पर | ₹ 1,00,000 |
नोट: पहली छह किश्तें माता-पिता/अभिभावक के खाते में आएंगी, जबकि अंतिम 1 लाख रुपए की बड़ी राशि सीधे बालिका के स्वयं के बैंक खाते में ट्रांसफर होगी।
पात्रता एवं लाभ उठाने की प्रक्रिया
योजना का लाभ लेने के लिए कुछ सरल नियमों का पालन करना अनिवार्य है:
- मूल निवासी: प्रसूता राजस्थान की मूल निवासी होनी चाहिए।
- संस्थागत प्रसव: जन्म सरकारी अस्पताल या जेएसवाय (JSY) से मान्यता प्राप्त निजी अस्पताल में होना चाहिए।
- दस्तावेज: गर्भावस्था जांच (ANC) के दौरान ही मूल निवास, विवाह प्रमाण पत्र और बैंक खाते का विवरण पीसीटीएस (PCTS) पोर्टल पर दर्ज करवाना होगा।
- यूनिक आईडी: जन्म के समय ही बालिका को एक यूनिक पीसीटीएस आईडी दी जाएगी। अगली किस्तों के लिए स्कूल में केवल यही आईडी देनी होगी, बार-बार आवेदन की जरूरत नहीं पड़ेगी।
राजश्री योजना का विलय
पूर्व में चल रही राजश्री योजना को अब लाडो प्रोत्साहन योजना में समाहित कर दिया गया है। जो बालिकाएं राजश्री की पात्र थीं, उन्हें अब आगामी किस्तें लाडो प्रोत्साहन योजना के नए प्रावधानों के अनुसार मिलेंगी।
डिजिटल इंडिया के दौर में इस योजना का संचालन पूरी तरह ऑनलाइन ओजस (OJAS) और पीसीटीएस पोर्टल के माध्यम से किया जा रहा है, ताकि भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश न रहे और पैसा सीधे हकदार तक पहुँचे। राजस्थान सरकार की यह योजना “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” के नारे को धरातल पर चरितार्थ कर रही है।
सर्कल न्यूज़ नेटवर्क के लिए जालोर से गुमान सिंह राव की रिपोर्ट।



