घुमंतू समुदाय की महिलाओं के हाथों में थमाई हुनर की चाबी; सिलाई केंद्र के रूप में दिया जीवनभर का अनमोल उपहार
सर्किल न्यूज नेटवर्क
रानीवाड़ा (जालौर)।
कहते हैं कि जन्मदिन तो हर कोई मनाता है, लेकिन यादगार और प्रेरणादायक वही होता है जो किसी के जीवन के अंधेरे को दूर कर रोशनी भर दे। कुछ ऐसा ही अनूठा और बेहद प्रेरक नजारा जालौर के रानीवाड़ा कल्ला में देखने को मिला। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिला उपाध्यक्ष मंजीराम जी चौधरी ने अपना जन्मदिन केवल केक काटकर या औपचारिकताएं निभाकर नहीं, बल्कि समाज के सबसे पिछड़े और जरूरतमंद तबके के साथ मनाया।

इस खास मौके को हमेशा के लिए यादगार बनाने के लिए महिला मंडल बाड़मेर आगोर (MMBA) के सहयोग से स्वयं सहायता समूह (SHG) की EPA गतिविधि के तहत एक नए सिलाई प्रशिक्षण केंद्र का भव्य शुभारंभ किया गया। यह केंद्र क्षेत्र की घुमंतू एवं अर्ध-घुमंतू (DNT) समुदाय की महिलाओं और बालिकाओं के जीवन में आत्मनिर्भरता की एक नई इबारत लिखेगा।
मंजीराम जी चौधरी की प्रेरक सोच: हुनर से बदलेगी तकदीर
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद मंजीराम जी चौधरी ने न सिर्फ केंद्र का उद्घाटन किया, बल्कि उपस्थित महिलाओं और बालिकाओं को आगे बढ़ने का एक नया हौसला भी दिया। उन्होंने अपने संबोधन में सरकार की महत्वाकांक्षी ‘SEED योजना’ की विस्तृत जानकारी दी।
“सरकार आपके विकास के लिए ढेरों योजनाएं चला रही है। आज इस सिलाई केंद्र के जरिए जो हुनर आपको मिलने जा रहा है, वह सिर्फ एक कला नहीं बल्कि आपकी आर्थिक आजादी का रास्ता है। इन योजनाओं का लाभ उठाएं, खुद को सशक्त बनाएं और अपने जीवन में एक सकारात्मक और बड़ा बदलाव लेकर आएं।” — मंजीराम चौधरी, पूर्व जिला उपाध्यक्ष, भाजपा
जन्मदिन के इस उत्सव को और अधिक आनंदमय बनाने के लिए कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं और बच्चों को आइसक्रीम वितरित की गई, जिससे मासूम चेहरों पर मुस्कान बिखर गई। इसके साथ ही महिलाओं को सिलाई किट भी बांटी गई, ताकि वे बिना किसी बाधा के अपना प्रशिक्षण शुरू कर सकें।

संस्था निदेशक आदिल खान का आह्वान: शिक्षा और कौशल ही असली ताकत
महिला मंडल बाड़मेर आगोर के संस्था निदेशक आदिल खान ने भी इस मौके पर महिलाओं को प्रेरित किया। उन्होंने बेहद भावुक और ओजस्वी शब्दों में कहा:
- DNT समुदाय का सशक्तिकरण: घुमंतू एवं अर्ध-घुमंतू समुदाय की महिलाओं और बालिकाओं का आगे बढ़ना पूरे समाज और राष्ट्र के विकास के लिए बेहद जरूरी है।
- शिक्षा को बनाएं प्राथमिकता: हर मां को अपने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजना चाहिए। शिक्षा ही वो हथियार है जो आने वाली पीढ़ियों की किस्मत बदल सकता है।
- आत्मनिर्भरता की नींव: एक शिक्षित और आर्थिक रूप से मजबूत महिला ही एक मजबूत परिवार, समृद्ध समाज और सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है।
प्रशासनिक अधिकारी और गणमान्य लोग रहे मौजूद
इस प्रेरणादायक शुरुआत के साक्षी बनने के लिए कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। महिला मंडल बाड़मेर आगोर की टीम से जालौर जिले की डीसीपी किरण अवस्थी, सीसीपी विवेक अवस्थी, जानकी अवस्थी, सीसीपी अन्ना खोखर, छगनाराम और राजेंद्रसिंह सोलंकी ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इसके साथ ही पूर्व सरपंच रिडमलसिंह डाभी सहित समाज के कई प्रतिष्ठित लोग और बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं व बालिकाएं इस ऐतिहासिक पल का हिस्सा बनीं।

उम्मीदों को लगे पंख
यह सिलाई प्रशिक्षण केंद्र केवल एक ट्रेनिंग सेंटर नहीं है, बल्कि यह इस क्षेत्र की उन सैकड़ों महिलाओं की उम्मीदों की उड़ान है, जो रूढ़ियों को तोड़कर अपने पैरों पर खड़ा होना चाहती हैं। मंजीराम जी चौधरी के जन्मदिन पर शुरू हुई यह पहल आने वाले समय में रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी और रानीवाड़ा की महिलाओं को आत्मनिर्भरता का एक नया गौरव प्रदान करेगी।



