रॉयल सूर्यनगरी साफा हाउस की कला के कायल हुए मेहमान, साफा पहनाकर किया गया सम्मान
रानीवाड़ा। राजस्थानी संस्कृति की आन-बान और शान का प्रतीक ‘साफा’ आज सात समंदर पार ही नहीं, बल्कि देश की राजधानी के प्रबुद्ध वर्ग के बीच भी अपनी खास पहचान बना रहा है। इसी गौरवशाली परंपरा को संजोए ‘रॉयल सूर्यनगरी साफा हाउस’ पर आज दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रखर व्यक्तित्व सुश्री जॉस्लिन नंदिता चौधरी का आगमन हुआ।

साफा पहनाकर किया पारंपरिक अभिनंदन
शोरूम पहुँचने पर सुश्री चौधरी का पारंपरिक राजस्थानी अंदाज़ में आत्मीय स्वागत किया गया। प्रतिष्ठान के प्रबंध निदेशक रघुवीर सिंह सोलंकी एवं संचालक लक्ष्मण सिंह देवातडा ने राजस्थानी आतिथ्य की मिसाल पेश करते हुए उन्हें साफा पहनाकर सम्मानित किया। दिल्ली से पधारीं अतिथि साफे की इस कला और बारीकी को देखकर अभिभूत नजर आईं।

“संस्कृति का जीवंत प्रतीक है साफा”
मुलाकात के दौरान सुश्री जॉस्लिन नंदिता ने साफा हाउस के विशाल कलेक्शन और वहां की कलात्मकता की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा:
”साफा हमारी गौरवशाली संस्कृति का जीवंत प्रतीक है। मुझे बेहद खुशी है कि सोलंकी जी और उनकी पूरी टीम इस विरासत को इतनी आधुनिकता और भव्यता के साथ नई ऊंचाइयों पर ले जा रही है। यहाँ का आतिथ्य और साफे के प्रति समर्पण वाकई काबिल-ए-तारीफ है।”
वैश्विक पहचान बनाने का संकल्प
प्रबंध निदेशक रघुवीर सिंह सोलंकी ने बताया कि उनका उद्देश्य साफे को केवल एक पारंपरिक परिधान तक सीमित रखना नहीं है, बल्कि इसे एक वैश्विक ब्रांड के रूप में स्थापित करना है ताकि राजस्थान की यह पहचान हर कोने तक पहुँचे। वहीं, लक्ष्मण सिंह देवातडा ने अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रबुद्ध जनों का यह स्नेह उन्हें अपनी संस्कृति की सेवा के लिए और अधिक ऊर्जा प्रदान करता है।



