दीपावली से पहले ‘सौगात’: पुलिस ने खोए हुए फोन लौटाए, लोगों के चेहरे पर लौटी रौनक
सर्कल न्यूज़ नेटवर्क, जालौर। भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) और महानिदेशक पुलिस साइबर क्राइम राजस्थान, जयपुर के निर्देशानुसार जालौर में एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान, जालौर पुलिस ने गुमशुदा/चोरी हुए मोबाइल फोन को बरामद कर उनके मालिकों को सौंपकर उन्हें दीपावली से पहले बड़ी ‘सौगात’ दी।
जिला पुलिस अधीक्षक, शैलेन्द्रसिंह इन्दौलिया ने इस अवसर पर साइबर पुलिस थाना जालौर द्वारा बरामद किए गए कुल 40 मोबाइल फोन को परिवादियों को सुपुर्द किया। बरामद किए गए इन मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब 9.50 लाख रुपये है।

CEIR पोर्टल से मिली मदद, 18.50 लाख के फोन बरामद
पुलिस मुख्यालय राजस्थान, जयपुर के निर्देशानुसार, दूरसंचार विभाग (DoT) के CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल पर दर्ज गुमशुदा/चोरी हुए मोबाइलों के संबंध में एक विशेष अभियान चलाया गया था।
जिला पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्रसिंह इन्दौलिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोटाराम गोदारा, और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक त्वरित अनुसंधान दल भूपेन्द्रसिंह के निकटतम सुपरविजन में, साइबर थाना जालोर के थानाधिकारी रामप्रतापसिंह (आरपीएस) के नेतृत्व में यह सफल कार्रवाई की गई।
साइबर थाना जालौर की टीम को CEIR पोर्टल पर नई सिम प्रयोग में लेने की जानकारी मिली, जिसके बाद अभियान चलाकर 40 मोबाइल फोन बरामद किए गए। साइबर थाना जालौर इस साल में अब तक 82 मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को लौटा चुका है, जिनकी कुल बाजार कीमत करीब 18.50 लाख रुपये है। अपने गुम हुए फोन वापस पाकर पीड़ितों के चेहरों पर खुशी और ‘रौनक’ लौट आई।
SP की ‘कड़क’ सलाह: अफवाहों पर तुरंत प्रतिक्रिया न दें
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक इन्दौलिया ने आमजन को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक रहने की सख्त सलाह दी। उन्होंने खास तौर पर आगाह किया कि सोशल मीडिया पर आने वाली भ्रामक सूचनाओं व अफवाहों पर तुरंत प्रतिक्रिया नहीं दें, बल्कि एक जागरूक नागरिक की तरह व्यवहार करें। उन्होंने साइबर जागरूकता पोस्टर का भी विमोचन किया।
इस कार्यक्रम में जिला पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्रसिंह इन्दौलिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोटाराम गोदारा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भूपेन्द्रसिंह, थानाधिकारी साइबर थाना रामप्रतापसिंह और साइबर थाना स्टाफ के अलावा बड़ी संख्या में परिवादी और आमजन उपस्थित रहे।
आमजन के लिए पुलिस का सुझाव:
- अगर कोई हो जाता है साइबर अपराध का शिकार, तो डायल करे 1930 या विजिट करे https://www.cybercrime.gov.in/ और दर्ज कराये अपनी शिकायत।।
- किसी व्यक्ति के खाते से गलती या धोखे से यूपीआई से धनराशि ट्रान्सफर होने पर www.npci.org.in पर ऑनलाईन शिकायत दर्ज करें। “सतर्क रहें-सुरक्षित रहें” और डिजीटल साक्षर बनें।



