मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना से धनवाड़ा की तारीजा देवी को 40 हजार रुपये का बीमा सुरक्षा कवच, ग्रामीण महिलाओं के लिए बनी प्रेरणा
रानीवाड़ा।
ग्रामीण परिवारों की आर्थिक मजबूती और पशुपालकों को सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में राज्य सरकार की मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना प्रभावी साबित हो रही है। इसी का एक प्रेरणादायक उदाहरण रानीवाड़ा पंचायत समिति की ग्राम पंचायत रोपसी के ग्रामीण सेवा शिविर में देखने को मिला, जहां ग्राम धनवाड़ा निवासी तारीजा देवी को योजना के तहत 10 बकरियों का बीमा लाभ प्रदान किया गया।
योजना के अंतर्गत प्रत्येक बकरी पर 4 हजार रुपये के हिसाब से कुल 40 हजार रुपये की बीमा सुरक्षा उपलब्ध कराई गई। इस बीमा पॉलिसी से अब किसी भी आकस्मिक पशुहानि की स्थिति में उन्हें आर्थिक सहायता मिल सकेगी। इससे न केवल उनके पशुपालन व्यवसाय को सुरक्षा मिलेगी, बल्कि परिवार की आय पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ भी काफी हद तक कम होगा।
तारीजा देवी ने बताया कि पशुपालन ही उनके परिवार की आय का प्रमुख साधन है। पहले किसी पशु की मृत्यु या दुर्घटना होने पर पूरा नुकसान स्वयं उठाना पड़ता था, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति प्रभावित होती थी। अब बीमा योजना से उन्हें यह भरोसा मिला है कि संकट की घड़ी में सरकार उनके साथ खड़ी रहेगी।
ग्रामीण सेवा शिविर में मौजूद अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना का उद्देश्य ग्रामीण पशुपालकों को आर्थिक जोखिम से बचाना तथा पशुपालन को अधिक सुरक्षित और लाभकारी बनाना है। योजना के माध्यम से पशुपालकों में जागरूकता बढ़ रही है और अधिक से अधिक लोग अपने पशुओं का बीमा कराने के लिए आगे आ रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशुपालन की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में पशुधन की सुरक्षा के लिए बीमा जैसी योजनाएं किसानों और पशुपालकों के लिए बड़ी राहत साबित होती हैं। इससे पशुपालन को बढ़ावा मिलने के साथ ग्रामीण परिवारों की आय भी अधिक स्थिर होती है।
तारीजा देवी ने मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना से लाभ मिलने पर राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना उनके जैसे छोटे पशुपालकों के लिए किसी सुरक्षा कवच से कम नहीं है। उन्होंने अन्य ग्रामीणों से भी इस योजना का लाभ उठाने की अपील की ताकि विपरीत परिस्थितियों में उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
प्रेरणा संदेश:
“सरकारी योजनाओं की सही जानकारी और समय पर पंजीकरण न केवल आर्थिक सुरक्षा प्रदान करता है, बल्कि छोटे पशुपालकों के सपनों को भी नई उड़ान देता है। तारीजा देवी की कहानी इस बात का प्रमाण है कि जागरूकता और सरकारी सहयोग से ग्रामीण परिवार आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा सकते हैं।”



