रानीवाड़ा (जालोर)।
पूर्व विधायक एवं भाजपा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष नारायण सिंह देवल ने जल जीवन मिशन (जेजेएम) योजना के ई-आर प्रोजेक्ट में हुए भेदभावपूर्ण सर्वे को लेकर सांसद लुम्बाराम चौधरी को पत्र लिखकर पुनः सर्वे की मांग की है। देवल ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में डिगांव, भाटीप, करडा, कोडका, सामरानी, भापडी, चाटवाडा, सांवलावास, वणधर एवं धनवाडा गांवों में जानबूझकर भाजपा कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों के घरों एवं ढाणियों को सर्वे से वंचित रखा गया, जिससे वे आज भी पेयजल सुविधा से वंचित हैं।
देवल की मांग
- भेदभाव का आरोप:
देवल ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय किए गए सर्वे में पक्षपात हुआ और भाजपा से जुड़े लोगों के घरों को शामिल नहीं किया गया। - पेयजल संकट:
प्रभावित घरों व ढाणियों में रहने वाले लोग आज भी जल जीवन मिशन के तहत पेयजल कनेक्शन से वंचित हैं। - पुनः सर्वे की मांग:
देवल ने सांसद से आग्रह किया कि सभी प्रभावित गांवों में पुनः सर्वे कराया जाए और वंचित घरों व ढाणियों को जेजेएम योजना में शामिल कर पेयजल कनेक्शन दिलाया जाए।
देवल का बयान
“मेरे विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों में पूर्ववर्ती सरकार द्वारा भेदभावपूर्ण सर्वे किया गया था। भाजपा कार्यकर्ताओं के घरों को जानबूझकर योजना से बाहर रखा गया। आज भी वे लोग पानी के लिए परेशान हैं। पुनः सर्वे कराकर उन्हें योजना से जोड़ा जाए।”
सांसद लुम्बाराम चौधरी को भेजे गए पत्र में देवल ने शीघ्र कार्रवाई की अपेक्षा जताई है, ताकि सभी पात्र परिवारों को जल जीवन मिशन के तहत लाभ मिल सके।



