रानीवाड़ा, राजस्थान— समाज में जब समरसता और भाईचारे का भाव वास्तविक रूप में सामने आता है, तब एक नई प्रेरणा जन्म लेती है। राजस्थान के रानीवाड़ा क्षेत्र के रतनपुर गांव में एक ऐसा ही भावनात्मक और प्रेरणादायक उदाहरण देखने को मिला, जब देवड़ा राजपूत समाज के भाइयों ने मेघवाल समाज की धर्मेली बहन लक्ष्मी देवी की बेटी की शादी में 2 लाख 51 हजार का मायरा भरकर सामाजिक एकता का अद्वितीय परिचय दिया।
यह पहल केवल आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं थी, बल्कि यह संकेत था कि समाज के भीतर जाति-धर्म की दीवारें टूट रही हैं और इंसानियत सबसे ऊपर है। महेंद्र सिंह एवं मकन सिंह पुत्र शंभू सिंह देवड़ा ने 1 लाख 51 हजार नकद, 1 लाख के गहने और पूरे परिवार के कपड़े प्रदान कर इस आयोजन को विशेष बना दिया। मायरा की इस परंपरा में राजपूत समाज के अनेक गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही, जिनमें महेंद्र सिंह, मकन सिंह, दीप सिंह, किशोर सिंह समेत कई अन्य प्रमुख लोग शामिल थे।

भाईचारे का संदेश:
इस आयोजन ने सामाजिक समरसता का संदेश पूरे क्षेत्र में फैलाया। आज जब समाज में उंच-नीच और भेदभाव की बातें होती हैं, ऐसे समय में यह घटना एक नई दिशा की ओर संकेत करती है कि जब दिलों में अपनापन होता है, तब जाति और धर्म की सीमाएं मायने नहीं रखतीं।
यह ऐतिहासिक मायरा न केवल परिवार के लिए सहारा बना, बल्कि यह उन लोगों के लिए भी प्रेरणा बना जो समाज में प्रेम, समानता और समरसता का भाव जगाने की इच्छा रखते हैं। यह घटना एक ऐसा प्रकाशपुंज बन गई है, जो आने वाले समय में समाज में नई सोच और सकारात्मकता फैलाएगा।
इस पहल का असर:
रानीवाड़ा और आसपास के क्षेत्रों में इस अनोखे मायरे की चर्चा जोर-शोर से हो रही है। लोगों में जागरूकता का संदेश जा रहा है कि सहयोग, प्रेम और भाईचारे से ही एक स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है।
जातियों से परे, एकजुट समाज की ओर बढ़ता कदम।
यह मायरा केवल एक रस्म नहीं था, बल्कि यह समाज के लिए एक नई सोच और बदलाव की दस्तक थी। जब हम सभी मिलकर एक-दूसरे की भावनाओं को समझते हैं और मुश्किल समय में साथ खड़े होते हैं, तब ही सच्चे इंसान और समाज का निर्माण होता है।
सोर्स – टीकम मेघवाल पाल



