रानीवाड़ा में समाज सेवा की दिशा में एक उल्लेखनीय पहल की गई, जिसमें शिव सांई सेवा समिति के तत्वावधान में महानरेगा मजदूरों के बीच ग्लूकोज डी पैकेट वितरित किए गए। तपती धूप में कठिन श्रम करने वाले मजदूरों की थकान और कमजोरी को दूर करने के लिए इस अभियान को भामाशाह सेठ आकाश कुमार अमीचंद जैन के सहयोग से संचालित किया गया।
इस अवसर पर नशामुक्ति संगोष्ठी का भी आयोजन किया गया, जिसमें मजदूरों और महिलाओं को तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों से होने वाले नुकसानों के बारे में जागरूक किया गया। समिति के अध्यक्ष मुकेश कुमार खंडेलवाल ने कहा कि पहले मेहमानों का स्वागत दूध, दही, शरबत और जीवनदायी पदार्थों से किया जाता था, लेकिन आज सिगरेट और तंबाकू रूपी विष को आदर-सूचक बना लिया गया है, जो समाज के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है।
महानरेगा के मेट दिनेश कुमार राणा ने नशे के दुष्प्रभावों और इससे बचने के उपायों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थ अनजाने में आनंद की अनुभूति देते हैं, लेकिन दीर्घकालिक रूप से व्यक्ति और समाज को बर्बादी की ओर धकेलते हैं। संगोष्ठी में मजदूरों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हुए नशे से बचाव के उपाय साझा किए और इस अभियान की सराहना की।
कार्यक्रम में केवाराम, करनाराम, हंसराम, बगदाराम, आसूराम, रुपीदेवी, सुआदेवी, वरजूदेवी, मेथी देवी, उगम देवी, वर्षा देवी, ललीता, जमना देवी, जसू, शारदा, दीवा देवी, मंजू, जोशना, पारुदेवी सहित कई मजदूरों और महिलाओं ने अपनी सहभागिता दर्ज की और नशा उन्मूलन में अपना योगदान देने का संकल्प लिया।
यह पहल समाज में स्वस्थ जीवनशैली और सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक प्रभावी कदम साबित हो रही है। शिव सांई सेवा समिति और भामाशाह के इस योगदान से मजदूरों के बीच नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ है, जिससे वे अपने कार्यों को और अधिक समर्पण और हौसले के साथ पूरा कर सकें।
समाज में नशामुक्ति और सेवा के इस प्रयास की जितनी सराहना की जाए, उतनी कम है!



