सर्कल न्यूज नेटवर्क | जयपुर/जालोर
प्रदेश के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवासन ने बुधवार को अफसरों के पेंच कसे। मौका था विकास रथ यात्रा की समीक्षा का। सचिवालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुडे सभी जिला कलेक्टरों को मुख्य सचिव ने दो टूक निर्देश दिए कि राज्य सरकार के दो साल की उपलब्धियां फाइलों में नहीं, बल्कि आमजन के बीच दिखनी चाहिए।
सोशल मीडिया पर प्रचार का वार
मुख्य सचिव ने साफ कहा कि विकास कार्यों और कल्याणकारी योजनाओं का शोर सोशल मीडिया पर सुनाई देना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि हर जिले में हो रहे निर्माण और विकास कार्यों के फोटो-वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर किए जाएं। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को डाटा अपडेट रखने और लगातार मॉनिटरिंग करने का जिम्मा सौंपा गया है।

25 दिसंबर तक नॉन-स्टॉप कार्यक्रम
समीक्षा बैठक में 18 से 25 दिसंबर तक होने वाले कार्यक्रमों का रोडमैप भी चेक किया गया। मुख्य सचिव ने कहा कि 18 को पर्यावरण संरक्षण, 19 को धौलपुर में महिला सम्मेलन, 20 को आर्मी डे परेड का कर्टेन रेजर, 21 को रन फॉर विकसित राजस्थान, 22 को महिला सशक्तीकरण सम्मेलन, 23 को मेडता (नागौर) में किसान सम्मेलन और 25 दिसंबर को सुशासन दिवस जैसे आयोजनों में जनता की भीड और भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
रात्रि चौपालों का लिया हिसाब
मुख्य सचिव ने जनसमस्याओं के समाधान के लिए हो रही रात्रि चौपालों की भी रिपोर्ट ली। उन्होंने कलेक्टरों को हिदायत दी कि इन गतिविधियों की मॉनिटरिंग में ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी। बैठक में एसीएस प्रवीण गुप्ता, प्रमुख शासन सचिव भवानी सिंह देथा, नवीन जैन, डॉ. नीरज कुमार पवन और संदेश नायक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।



