अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत प्रदेश के 85 स्टेशनों का बदला जा रहा स्वरूप, केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्री ने दी सौगात
सर्कल न्यूज नेटवर्क जयपुर/अलवर। राजस्थान में रेल बुनियादी ढांचे और यात्री सुविधाओं को वैश्विक स्तर का बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव, केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य को ₹400 करोड़ से अधिक की विभिन्न रेल परियोजनाओं की सौगात दी।

इस अवसर पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत अलवर रेलवे स्टेशन का ₹112 करोड़ की लागत से पुनर्विकास किया जा रहा है। यह स्टेशन दिल्ली-जयपुर रूट का एक प्रमुख केंद्र है, जिसे राजस्थान की सांस्कृतिक और स्थापत्य विरासत (Architectural Heritage) के साथ आधुनिक बुनियादी ढांचे के मिश्रण से तैयार किया जा रहा है।
अलवर स्टेशन पर मिलेंगी यह आधुनिक सुविधाएं
दिल्ली-जयपुर मार्ग पर लगातार बढ़ती यात्रियों की संख्या को देखते हुए अलवर स्टेशन को पूरी तरह अपग्रेड किया जा रहा है:
- दो-तरफा प्रवेश (2 Side Entry): शहर की कनेक्टिविटी सुधारने के लिए स्टेशन के दोनों ओर से प्रवेश और निकास की सुविधा होगी।
- नया इंफ्रास्ट्रक्चर: लगभग 16,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में नया स्टेशन परिसर विकसित किया जा रहा है।
- प्लेटफॉर्म और ओवरब्रिज: स्टेशन पर एक अतिरिक्त हाई-लेवल प्लेटफॉर्म और 6 मीटर चौड़ाई वाले दो नए फुट ओवरब्रिज (FOB) बनाए जा रहे हैं।
- लिफ्ट और पार्किंग: यात्रियों की सुगमता के लिए 9 आधुनिक लिफ्ट लगाई जा रही हैं। साथ ही वाहनों के दबाव को कम करने के लिए 4,500 वर्ग मीटर में फैला नया पार्किंग क्षेत्र और समर्पित पिक-अप/ड्रॉप-ऑफ ज़ोन बनाए जा रहे हैं।
- कमर्शियल स्पेस: स्टेशन पर करीब 1,900 वर्ग मीटर क्षेत्र को व्यावसायिक गतिविधियों के लिए विकसित किया जा रहा है।

राजस्थान के 15 स्टेशनों का पुनर्विकास कार्य पूरा
रेल मंत्री ने बताया कि राजस्थान में कुल 85 स्टेशनों पर पुनर्विकास का काम चल रहा है, जिनमें से 15 स्टेशनों का काम पूरा हो चुका है और वे यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं दे रहे हैं।
पूरे हो चुके 15 स्टेशन:
बाड़मेर, बूंदी, दौसा, डीग, देशनोक, फतेहपुर शेखावाटी, गंगापुर सिटी, गोगामेड़ी, गोविंदगढ़, राजगढ़, खैरथल, जैसलमेर, मांडलगढ़, मंडावर महवा रोड और सोमेसर।
(नोट: अलवर क्षेत्र के तीन स्टेशनों—गोविंदगढ़, राजगढ़ और खैरथल का काम पहले ही पूरा किया जा चुका है।)

राजस्थान को मिलीं 5 वंदे भारत और 46 नई ट्रेनें
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में राजस्थान के लिए रेल बजट आवंटन बढ़ाकर ₹10,228 करोड़ कर दिया गया है, जो पहले की सरकारों में मात्र ₹682 करोड़ के आसपास था।
- नई ट्रेनें: पिछले कुछ वर्षों में राजस्थान को कुल 46 नई ट्रेनें मिली हैं। वर्तमान में राज्य में 5 वंदे भारत एक्सप्रेस और 1 अमृत भारत एक्सप्रेस संचालित हैं।
- हाल ही में शुरू हुई सेवाएं: दिल्ली से जोधपुर, दिल्ली से बीकानेर, उदयपुर सिटी से अहमदाबाद के लिए वंदे भारत सेवाएं, जैसलमेर-दिल्ली स्वर्ण नगरी एक्सप्रेस, हैदराबाद-जोधपुर भगत की कोठी एक्सप्रेस और पुणे-जोधपुर एक्सप्रेस शामिल हैं।

रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य बड़े प्रोजेक्ट्स
- ट्रैक और कार्गो टर्मिनल: साल 2014 से अब तक राजस्थान में करीब 3,900 किलोमीटर रेलवे ट्रैक बिछाए गए हैं। राज्य में 10 गति शक्ति कार्गो टर्मिनल (मारवार मूंडवा, खेमली, भूपाल सागर, सोनू, हनवंत, सूंदलक, मांडलगढ़, न्यू सराधना, हिरनोदा और खैरला) शुरू हो चुके हैं। इसके अलावा जोगी मगरा, लानेला, ध्यांक्या, कोटा जंक्शन, नवलगढ़ और बीराढ़वाल में 6 नए टर्मिनल निर्माणाधीन हैं।
- दोहरीकरण और आमान परिवर्तन (Gauge Conversion): आगरा-बांदीकुई, अजमेर-चित्तौड़गढ़, बीकानेर-लालगढ़, चूरू-सादुलपुर, लूनी-भील्दी, रेवाड़ी-खाटूवास, रींगस-सीकर और उमरा-देबारी सेक्शन पर दोहरीकरण का काम जारी है। वहीं धौलपुर-सरमथुरा-गंगापुर सिटी और देवगढ़ मदारिया-नाथद्वारा सेक्शन पर आमान परिवर्तन का काम चल रहा है।
- नई रेल लाइनें: मथुरा-झांसी के बीच तीसरी लाइन, मथुरा-नागदा के बीच तीसरी और चौथी लाइन के साथ-साथ नीमच-बड़ी सादड़ी, पुष्कर-मेड़ता सिटी, श्योपुर कलां-कोटा और तरंगा हिल-आबू रोड जैसी नई रेल लाइनों पर काम तेजी से बढ़ रहा है।
صन औद्योगिक क्षेत्रों को मिलेगा सीधा लाभ
इस मौके पर केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने अलवर क्षेत्र में ओवरब्रिज और अंडरपास परियोजनाओं की मंजूरी के लिए रेल मंत्रालय का आभार जताया और कहा कि इससे खैरथल, किशनगढ़ बास और बहरोड़ के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि दिल्ली से नजदीकी के कारण राजस्थान को बड़ा फायदा मिल रहा है। भिवाड़ी, नीमराना और खुशखेड़ा जैसे बड़े औद्योगिक केंद्रों को बेहतर रेल इंफ्रास्ट्रक्चर से जोड़ा जा रहा है। भविष्य में इस क्षेत्र के लिए दो बड़े कॉरिडोर—अलवर की तरफ एक रेलवे लाइन और बहरोड़ की तरफ एक आरआरटीएस (RRTS) कॉरिडोर की योजना बनाई जा रही है, जिसे राज्य सरकार जल्द से जल्द लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।



