जालोर। तत्कालीन जिला पुलिस अधीक्षक को बदनाम करने की नीयत से एक महिला कांस्टेबल के नाम का प्रतिरूपण (फर्जी पहचान) कर झूठी रिपोर्ट तैयार करने और उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने के सनसनीखेज मामले में लंबे समय से फरार चल रहे 5 हजार रुपये के इनामी आरोपी को बागोड़ा थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
जिला पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र सिंह इन्दोलिया, जालोर के निर्देशानुसार जिले में अपराधों की रोकथाम और वांछित व इनामी अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोटाराम गोदारा, जालोर तथा पुलिस उप अधीक्षक वृत्त भीनमाल शंकरलाल मंसूरिया के सुपरविजन में बागोड़ा थानाधिकारी बलदेवराम (निरीक्षक) के नेतृत्व में गठित टीम ने 4 अक्टूबर 2026 को यह कार्रवाई की।
गिरफ्तार आरोपी: सुरेश कुमार पुत्र जोगाराम, उम्र 25 वर्ष, जाति विश्नोई, निवासी राणासर कलां, थाना धोरीमन्ना, जिला बालोतरा। आरोपी को पुलिस थाना कोतवाली जालोर के प्रकरण संख्या 09 दिनांक 05.01.2025 धारा 319(2), 308(2), 78(2), 356(3), 351(2) बीएनएस एवं 67 आईटी एक्ट में वांछित होने पर दस्तयाब कर गिरफ्तार किया गया।
क्या है पूरा मामला: पुलिस के अनुसार आरोपी सुरेश कुमार ने तत्कालीन जिला पुलिस अधीक्षक को बदनाम करने के इरादे से एक महिला कांस्टेबल के नाम का प्रतिरूपण कर झूठी रिपोर्ट तैयार की और उसे वायरल कर दिया। प्रकरण दर्ज होने के बाद से ही आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था। उसे पकड़ने के लिए 5 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। अब गिरफ्तारी के बाद आरोपी से झूठी रिपोर्ट वायरल करने के संबंध में पूछताछ और अनुसंधान जारी है।
प्रथम सूचना रिपोर्ट का सार: तत्कालीन जिला जालोर में तैनात पीड़िता महिला कांस्टेबल ने रिपोर्ट दी कि 4 दिसंबर 2024 को उसके मोबाइल पर एक नंबर से संदेश आया कि आपके नाम की एक रिपोर्ट मेरे पास है। इसके बाद उसे व्हाट्सएप पर वह रिपोर्ट भेजी गई, जिसमें उसे बदनाम करने के लिए गलत और अशोभनीय शब्दों का प्रयोग करते हुए उसी के नाम से झूठी रिपोर्ट लिखी गई थी।
पीड़िता ने जब पूछा कि यह झूठी रिपोर्ट किसने लिखी है, तो उसने कहा कि रिपोर्ट में जो कुछ लिखा है, वह सब निराधार और झूठा है और उसे व पुलिस अधीक्षक को बदनाम करने के आशय से यह रिपोर्ट लिखी गई है। इस पर संदेश भेजने वाले ने खुद को पत्रकार बताते हुए कहा कि यह रिपोर्ट उसे बाड़मेर की विश्नोई धर्मशाला की टेबल पर मिली थी।
पीड़िता के अनुसार वह कथित पत्रकार उसे बार-बार कॉल करने और वॉयस मैसेज भेजने लगा, जिससे वह तंग और परेशान हो गई। झूठा परिवाद उसे बदनाम करने की नीयत से और उसकी लज्जा भंग करने के आशय से उसके व्हाट्सएप पर भेजा गया था। रिपोर्ट पर प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया।
इस मामले में पूर्व में गिरफ्तार आरोपी: विजय उर्फ पवन पुत्र ओमप्रकाश, उम्र 31 वर्ष, जाति विश्नोई (मेहला), निवासी करणपुरा, थाना भादरा, जिला हनुमानगढ़।









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