जयपुर/चित्तौड़गढ़। राजस्थान में नशे के सौदागरों के खिलाफ एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) का हंटर लगातार चल रहा है। टास्क फोर्स ने अपनी स्थापना का एक वर्ष पूरा होने (7 अक्टूबर) से पहले ही फरार इनामी बदमाशों को सलाखों के पीछे भेजकर अनोखा शतक जड़ दिया है। डीजीपी राजीव कुमार शर्मा एवं एडीजीपी दिनेश एमएन के सुपरविजन में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन मारामन’ के तहत 100वें शिकार के रूप में 25 हजार रुपए के कुख्यात इनामी तस्कर निम्बाराम उर्फ निमाराम को चित्तौड़गढ़ से धर दबोचा गया।
दोस्त ने निकाली रंजिश, पुलिस को मिली भनक
एएनटीएफ महानिरीक्षक विकास कुमार के अनुसार, निम्बाराम अपने साथियों के साथ दो गाड़ियों में सवार होकर बड़ी खेप की डील करने चित्तौड़गढ़ के जोगणिया माता क्षेत्र स्थित जोगणिया रिसॉर्ट पहुंचा था। योजना मध्य प्रदेश से भारी तादाद में डोडा पोस्त मारवाड़ लाने की थी। लेकिन इसी बीच साथी तस्कर दोस्त से उपजी रंजिश के चलते सूचना लीक हो गई और टास्क फोर्स की टीम ने बिना वक्त गंवाए रिसॉर्ट की घेराबंदी कर ली।
दीवार फांदी, खेतों में दौड़ा, फिर गवरी नृत्य के बीच घुसा
होटल के बाहर खड़े निम्बाराम ने जैसे ही सफेद रंग की बोलेरो गाड़ी देखी, उसे पुलिस का शक हो गया। वह तुरंत होटल की दीवार कूदकर खेतों की ओर भागा। टास्क फोर्स के जांबाजों ने करीब 1-2 किलोमीटर तक खेतों में उसका पीछा किया। भागते-भागते वह जोगणिया माता मंदिर के चौक में चल रहे गवरी नृत्य के बीच भीड़ में जा छिपा। हालांकि, मुस्तैद टीम ने मंदिर परिसर में भी उसका पीछा नहीं छोड़ा। पुलिस को करीब देख उसने फिर भागने का प्रयास किया, लेकिन जवानों ने चारों तरफ से घेरकर उसे दबोच लिया।
8वीं फेल, जेल में सीखी तस्करी की एबीसीडी
पूछताछ में सामने आया कि निम्बाराम पढ़ाई में कमजोर था और आठवीं के बाद स्कूल छोड़कर ट्रक चलाने लगा। मजदूरी के दौरान जोधपुर के तस्करों के संपर्क में आया। एक लड़ाई-झगड़े के मामले में जेल जाने के बाद उसकी मुलाकात बड़े तस्करों से हुई, जहां उसने मादक पदार्थों की तस्करी के तमाम दांव-पेच सीखे। बाहर आकर उसने खुद का बड़ा नेटवर्क खड़ा कर लिया। आरोपी के खिलाफ विभिन्न थानों में हत्या के प्रयास, एनडीपीएस और आर्म्स एक्ट सहित कुल 26 संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं।
लग्जरी गाड़ियां छोड़कर जंगलों में भाग चुका था
शातिर तस्कर इससे पहले भी दो बार पुलिस नाकाबंदी तोड़कर लग्जरी गाड़ियां छोड़ भाग चुका था। वर्ष 2024 में पारसोली थाना क्षेत्र में नाकाबंदी के दौरान वह डोडाचूरा से भरी फॉर्च्यूनर गाड़ी छोड़कर जंगल में भाग गया था। वहीं, जावदा-रावतभाटा क्षेत्र में हैरियर गाड़ी में 3 क्विंटल 16 किलो डोडाचूरा ले जाते समय आरके पुरम थाना पुलिस द्वारा घेरे जाने पर भी वह वाहन छोड़कर फरार होने में कामयाब रहा था। पुलिस अधीक्षक चित्तौड़गढ़ ने उस पर 25 हजार का इनाम घोषित कर रखा था। आईजी विकास कुमार ने बताया कि इस साहसिक कार्रवाई में शामिल टीम को मुख्यालय पर सम्मानित किया जाएगा।









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