किसानों को जले हुए ट्रांसफार्मर 15 से 30 दिनों की जगह 72 घंटे में दिलाया जाए
रानीवाड़ा। किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर आज भारतीय किसान संघ के बैनर तले मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन उपखंड अधिकारी रानीवाड़ा को दिया गया।
किसान संघ के प्रांतीय मंत्री सोमाराम चौधरी ने बताया कि किसानों के खेतों में कटी पड़ी फसल बारिश में भीग गई है जिससे उपज का नुकसान हो गया। जिन किसानों के फसलों का नुकसान हुआ है उन्हें फसली बीमा कंपनी से नुकसान का बीमा राशि प्रदान की जाए।

बता देते है कि फसली बीमा कंपनी पर से किसानों का भरोसा उठ रहा है क्योंकि किसानों को फसली बीमा नहीं मिल रहा है। उपज के नुकसान का सही आकलन कर किसानों को राहत प्रदान की जाए। जिन किसानों केे फसली बीमा नहीं है, उन्हें नुकसान का आंकलन कर राज्य सरकार उन्हें मुआवजा देने का आश्वासन दे।
साथ ही किसानों भंडूरे और काले मुंह के बंदर और बेसहारा पशुओं आहत है। त्रस्त किसानों को इनसे मुक्ति दिलाए। बेसहारा गोवंश को गौशाला में रखने के लिए पाबंद किया जाए। किसानों को कृषि केे ट्रांसफार्मर जलने पर उन्हें 15 से 30 दिन तक बदलने में लगते हैं। अब 72 घंटे में उन्हें नियमानुसार बदला जाए ताकि किसानों को राहत मिल सके।
किसानों को कृषि के लिए समय पर बिजली की आपूर्ति दी जाए। किसानों के 21 अक्टूबर को हुई बेमौसम बरसात से हुई पसली नुकसान का विशेष गिरदावरी करने का आदेश पटवार मंडल को किया जाए। फसल बीमा के लिए 2 दिन में सर्वे होता तो मौके पर भीगी फसलें मिल सकती थी। रबी की फसल बुवाई का समय चल रहा है इसलिए किसान और बुवाई के लिए इंतजार नहीं कर सकता है इसलिए बीमा कंपनी इस तकनीकी गलती का फायदा उठा सकती है।
राज्य सरकार को इन कंपनियों को पाबंद किया जाए। इस अवसर पर हरिसिंह तावीदर, राम सिंह देवल, सोनाराम चौधरी, पुनाराम चौधरी, प्रभाराम, सैनीदान, उकसिंह देवड़ा, प्रताप सिंह देवड़ा, नाथाराम, चंदनदान सहित कई किसान मौजूद रहे।







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